शनिवार, 21 जनवरी 2012

प्रशासन ने झाड़-फूंक के लिए हरी झंडी दी, लगातार छात्राओं के बेहोश होने की घटना से हडकम्प


कांकेर  - पहले दिन आठ और दूसरे दिन फिर से चार छात्राओं के अचानक बेहोश होने की घटना के पीछे चिकित्सको द्वारा वैज्ञानिक कारण स्पष्ट नही कर पाने से परेशान प्रशासन ने शनिवार को भी पुसावंड स्कूल पर नजर बनाये रखा। इस दिन कोई अन्य घटना तो नही घटी पर इस घटना के पीछे बाहरी हवा बताने वाले गायता- गुनिया को झाड़-फूंक के लिए हरी झंडी दे दी।
आँगा देवता हल करेगा मामला छात्राओं के बेहोश होने का   
ज्ञात हो कि  कांकेर  से १५ किमी दूर ग्राम पुसावंड के हाईस्कूल मे पिछले दो दिनों से लगातार छात्राओं के बेहोश होने की घटना से हडकम्प मचा हुआ है। चिकित्सक इन घटनाओं के पीछे समूहगत मानसिक कारण बता रहे है। गुरूवार को इस स्कूल की आठ छात्राओं के बेहोश होने की घटना के बाद शुक्रवार को इस स्कूल मे जिलाधीश निर्मल कुमार खाखा व जिला स्तरीय अन्य अधिकारियों के साथ  कांकेर  विधायक सुमित्रा मारकोले भी पहुंची थी। जंहा इनके सामने ही चार छात्राएं एक के बाद एक बेहोश हो गई। इसके बाद जिलाधीश निर्मल खाखा ने गांव वालों से मशविरा किया और उनकी  छाड़-फूंक कराने की सलाह मान ली। शनिवार को दिन भर पुसावंड के स्कूल में दूर-दूर के गायता-गुनिया व बैगा का जमावड़ा रहा। यह भी पता चला है कि घटना का कारण जानने और कथित बाहरी हवा से गांव को बचाने के लिए आंगा देवता को बुलाने की योजना भी बनाई गई है।
खंड शिक्षा अधिकारी टीआरसाहू ने बताया कि इस मामले में ग्रामिणों की मान्यता और विश्वास के कारण उनकी भवनाओं को समझते हुए स्कूल परिसर में उन्हे देवता बिठाने व झाड़-फूंक की अनुमति दे दी गई है।




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