कांकेर - गणतंत्र दिवस समारोह में जिला प्रशासन ने रासबिहारी बोस व सुभाषचंन्द्र बोस के साथी रहे १०४ वर्षीय क्रांतिकारी मोहन लहरी का अपमान करते हुए उन्हे भाजपा कार्यकर्ताओं व अपराधियों के साथ बिठाया जबकि मंच पर आमंत्रित नक्सली हिंसा के खिलाफ जान देने वाले परिजनों को बैठने के लिए भी जगह नही मिलीज्ञात हो कि आजाद हिंद फौज के एक मात्र बचे फौजी व रासबिहारी बोस तथा सुभाष चंन्द्र बोस के साथ क्रंातिकारी अभियान में हिस्सेदारी कर चुके १०४ वर्षीय क्रांतिकारी मोहन लहरी ने पिछले पांच वर्ष से को ठिकाना बना रखा है। मोहन लहरी ने बीमारी के बावजूद गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। किन्तु मंच में उनके साथ पालिका अध्यक्ष पवन कौशिक के अलावा भाजपा पदधिकारियों व कार्यकर्ताओं को बिठाया गया जिनमें कई के ऊपर अपराधिक मामले चल रहे है। भाजपा कार्यकर्ताओं के मंच में कब्जा कर लेने के कारण कई गणमान्य नागरिको ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया वंही सेना के अधिकारियों को भी पीछे बैठना पड़ा। मुख्य कार्यक्रम में सम्मानित करने के लिए बुलाये गये शहीदों के परिजन को अव्यवस्था व अपमान का शिकार होना पड़ा। उनमें से कई को सुरक्षा के नाम पर लगाये गये जवानों व अधिकारियों ने मंच प्रवेश पर रोका जबकि उनकी बैठक व्यवस्था भी मंच के कोने में की गर्ई। जहां बैठने की कुर्सी भी पर्याप्त नही होने के कारण शहीदों के कई परिजनों को खड़े-खड़े सम्मानित होना पड़ा।
गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व प्रदेश के वनमंत्री विक्रम उसेंडी ने क्रांतिकारी मोहन लहरी के साथ भाजपा पदधिकारियों को बिठाये जाने को गलत बताते हुए शहिदो के परिजनों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया वहीं उन्होने मौके पर मौजूद कंाकेर जिलाधीश निर्मल खाखा को भविष्य के कार्यक्रमों में इस गलती को न दोहराने का निर्देश दिया।इधर इस घटना से दुखी मोहन लहरी ने अब छत्तीसगढ़ सरकार के किसी भी कार्यक्रम में शामिल ना होने की बात कही।
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