कंाकेर- आदिवासी प्रताडऩा अधिनियम की विवेचना करने वाली डीएसपी रमा पटेल पर पचास हजार रूपये की मांग करने और नही दे पाने पर बिना छान- बीन के एक तरफा कार्यवाही करते हुए एक्ट का दुरूपयोग कर प्रताडित करने का आरोप नरहरपुर की युवती ने लगाया है।
नरहरपुर की युवती रेखा राजपुत ने प्रदेश के गृहमंत्री के नाम लिखे अपने पत्र में आरोप लगाया है कि उसके पड़ोसी अहिल्या बाई पति रतिराम गोड़ के साथ उसका दो वर्ष से विवाद चल रहा था। अहिल्या बाई ने दो वर्ष पूर्व उसकी पट्टे की जमीन के सामने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर मकान शुरू किया, विरोध करने पर वह मार-पीट पर उतारू हो गई। नगरपंचायत द्वारा काम रूकवाने को भी उसने नही माना। पुलिस थाना जाने पर उसे बार-बार न्यायालय जाने को कहा जाते रहा। उसने साल भर पहले से पुलिस में लिखित रिपोर्ट देकर सूचित की थी कि अहिल्या बाई अपने आदिवासी होने का धौंस देकर उसे गैर जमानती मामले में फंसा देने की धमकी दे रही है। पर पुलिस ने केाई कार्यवाही नही की। इस बीच व्यवहार न्यायालय से उसे स्टे भी मिला, किन्तु तहसीलदार व पुलिस ने इसे क्रियान्वित नही कराया। न्यायालय की अवमानना करते हुए अहिल्या बाई ने पुलिस और गुंडो के सहयोग से दो माह पूर्व उसके आने- जाने का रास्ता ही बंद करने लगी। तब दोनो पक्षों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट लिखाया गया। रेखा राजपूत का आरोप है कि उसकी रिपोर्ट पर नरहरपुर थानेदार ने कार्यवाही करने के लिए पैंसे मांगे। वहीं आहिल्या बाई की रिपोर्ट पर आदिवासी प्रताडऩा का मामला नही बनाने के एवज में थानेदार श्री तिगगा व एसआई कांगे द्वारा डीएसपी रमा पटेल के नाम पर पचास हजार रूपये मांगे गये। पत्र के अनुसार चार दिसंबर को उसकी मां, बहन और भाई को एसडीओपी कार्यालय बुलाकर स्वयं रमा पटेल ने उनसे कहा कि ५० हजार दे दो नही तो फंस जावोगे किन्तु उनके द्वारा १० हजार रूपये तक ही दे पाने की बात कही गई। दूसरे दिन ५ दिसबंर को रमा पटेल स्वयं नरहरपुर थाना पहुंची और उन्हे थाना बुलाकर गिरफ्तार कर लिया गया। जब कि घर में पांच साल का बालक अकेले था। रेखा राजपूत का यह भी आरोप है कि उसके पति व छोटी बहन के साथ उसके मायके कंाकेर में पुलिस जवानों ने उसे बेइज्जत करने के लिए गली-गली घुमाया। न्यायालय द्वारा जमानत पर रिहा होते ही पुलिस ने घर फोन कर शिकायत करने पर गवाहो को धमकाने के फर्जी मामले में फिर से जेल भिजवाने की धमकी दी। रेखा राजपूत ने गृह मंत्री से उचित जांच व कार्यवाही की मांग करते हुए परिवार सहित आत्महत्या कर लेने की धमकी भी दी है। इधर इस मामले में डीएसपी रमा पटेल का कहना है कि आरोप निराधार है। उनका काम रिपोर्ट दर्ज करने का नही बल्कि केवल विवेचना करने का होता है। इस मामले में भी उन्होने उचित छान-बीन का मामला प्रस्तुत किया है।

2 टिप्पणियाँ:
i hv seen many dogs with straight tails.........but i hvnt seen a single police wala or wali who are straight tailed....gud reporting kamal sir
ये कोई नइए बात नहीं है येसा झूठा प्रकरण बनाना इनकी आदत सी हो गया है
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