Wednesday, April 30, 2008

जङ से उजाङे जा रहे जंगल





उपरोक्त सभी चित्र बस्तर के जंगल की दुर्दशा की कहानी बयान कर रही है | यह कहानी घट रही है, कोंडागांव से नारायणपुर होते हुये राजनांदगांव तक जारी सङक चौङी करण के कथित विकास कार्यक्रम के दौरान | सागौन,साल,हरे-भरे व फल लगे आम सहित हजारों इमारती और फलदार बृक्षों की बलि क्या विकास की अनिवार्य परिणिति है ? इन पेङों की कीमत केवल कुछ अरब नही, उससे कंही बढ कर है |

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